प्रधानमंत्री आवास योजना 2026 : 10 लाख लोगो को मिलेंगे पक्के मकान

प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY): प्रधानमंत्री आवास योजना ऑनलाइन आवेदन


प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY) भारत सरकार की एक महत्वाकांक्षी पहल है जिसे जून 2015 में "सभी के लिए आवास" के लक्ष्य के साथ शुरू किया गया था। इस योजना का मुख्य उद्देश्य भारत के ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में पात्र परिवारों को किफायती पक्के घर उपलब्ध कराना है। इन घरों में पानी का कनेक्शन, शौचालय और 24x7 बिजली जैसी सभी मूलभूत सुविधाएं सुनिश्चित की जाती हैं, जिससे नागरिकों को बेहतर जीवन स्तर मिल सके।

प्रधानमंत्री आवास योजना के प्रकार

PMAY (Pradhan Mantri Aawas Yojana) को मुख्य रूप से दो श्रेणियों में विभाजित किया गया है, जो ग्रामीण और शहरी आबादी की विशिष्ट आवश्यकताओं को पूरा करती हैं:


· प्रधानमंत्री आवास योजना – ग्रामीण (PMAY-G)


· प्रधानमंत्री आवास योजना – शहरी (PMAY-U)


प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण (PMAY-G)

PMAY-G, (Pradhan Mantri Aawas Yojana Gramin) जिसे पहले इंदिरा आवास योजना के नाम से जाना जाता था, का लक्ष्य ग्रामीण इलाकों में कच्चे घरों में रहने वाले परिवारों को वित्तीय सहायता प्रदान करना है। इस योजना के तहत न केवल पक्के घर बनाए जाते हैं, बल्कि बिजली और स्वच्छता जैसी आवश्यक सुविधाएं भी सुनिश्चित की जाती हैं।


PMAY ग्रामीण की मुख्य बातें:


· लक्ष्य: 2016-17 से 2023-24 तक ग्रामीण क्षेत्रों में 2.95 करोड़ घरों का निर्माण करना। हाल ही में, इस योजना को 2 करोड़ और घरों के साथ 2028-29 तक बढ़ा दिया गया है, कुल 3 करोड़ नए घरों का लक्ष्य है (शहरी में 1 करोड़ और ग्रामीण में 2 करोड़)।


· घर का आकार और सुविधाएं: योजना के तहत बने घरों का न्यूनतम आकार 25 वर्ग मीटर होगा, जिसमें स्वच्छ खाना पकाने की जगह और बिजली जैसी बुनियादी सुविधाएं शामिल होंगी।


· अतिरिक्त सहायता: शौचालय, बिजली, पानी और स्वच्छ ईंधन जैसी बुनियादी सुविधाओं के लिए स्वच्छ भारत मिशन-ग्रामीण (SBM-G), MGNREGS, या अन्य सरकारी योजनाओं के सहयोग से ₹12,000 की अतिरिक्त सहायता भी प्रदान की जाती है।


· लागत का बंटवारा: मैदानी इलाकों में घर निर्माण की लागत केंद्र और राज्य सरकारों द्वारा 60:40 के अनुपात में साझा की जाती है। पूर्वोत्तर राज्यों, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, जम्मू और कश्मीर, और लद्दाख जैसे पहाड़ी राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों में यह अनुपात 90:10 है। अन्य केंद्र शासित प्रदेशों के लिए केंद्र सरकार पूरी लागत वहन करती है।


· वित्तीय सहायता: मैदानी इलाकों में प्रत्येक आवास इकाई के लिए ₹1.20 लाख और पहाड़ी राज्यों (हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड), लद्दाख, जम्मू और कश्मीर, पूर्वोत्तर राज्यों में ₹1.30 लाख की वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है।


· लोन सुविधा: लाभार्थी वित्तीय संस्थानों से ₹70,000 तक का लोन भी प्राप्त कर सकते हैं।


· लाभार्थी का चुनाव: लाभार्थियों का चुनाव सामाजिक आर्थिक और जाति जनगणना (SECC), 2011 के आंकड़ों में घर न होने वाले लोगों की सूची (PWL) से किया जाता है, जिसका सत्यापन ग्राम सभाओं और आवास+ सर्वेक्षण के आधार पर होता है।


· तकनीकी सहायता और निगरानी: लाभार्थियों को घर के निर्माण में तकनीकी सहायता दी जाती है, और परियोजना की प्रगति की निगरानी एंड-टू-एंड ई-गवर्नेंस मॉडल – आवास सॉफ्ट और आवास ऐप के माध्यम से की जाती है।

अधिक जानकारी के लिए - PMAY ग्रामीण: लाभ, पात्रता और आवेदन प्रक्रिया समझें


प्रधानमंत्री शहरी आवास योजना (PMAY-U)

प्रधानमंत्री शहरी आवास योजना का उद्देश्य शहरी क्षेत्रों में गरीबों की आवास आवश्यकताओं को पूरा करना है। यह योजना शहरी क्षेत्रों में "हाउसिंग फॉर ऑल" के लक्ष्य को प्राप्त करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठा रही है।


PMAY शहरी की मुख्य विशेषताएं और लाभ:


· सब्सिडी: भारत सरकार द्वारा झुग्गी पुनर्वास के लिए प्रति घर ₹1 लाख की सब्सिडी। साझेदारी और लाभार्थी के नेतृत्व वाले व्यक्तिगत घर निर्माण/विस्तार में किफायती आवास की प्रत्येक इकाई के लिए ₹1.5 लाख की केंद्रीय सहायता।


· ब्याज सब्सिडी: होम लोन पर 6.5% तक की ब्याज सब्सिडी, जो अधिकतम 20 वर्षों के लोन या आवेदक द्वारा ली गई लोन अवधि पर लागू होती है, जो भी कम हो।


· महिलाओं को प्रोत्साहन: महिलाओं को घर के मालिक या सह-आवेदक बनने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है, जिससे महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा मिलता है।


· वरिष्ठ नागरिक और विकलांग: वरिष्ठ नागरिकों और विकलांग व्यक्तियों के लिए भूतल अनिवार्य किया गया है ताकि उनकी सुविधा सुनिश्चित हो सके।


· पर्यावरण-अनुकूल निर्माण: घर के निर्माण के लिए टिकाऊ और पर्यावरण-अनुकूल सामग्री का उपयोग अनिवार्य है।


· गुणवत्ता मानक: घर/फ्लैट की गुणवत्ता राष्ट्रीय भवन कोड (NBC) और राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NDMA) के दिशा-निर्देशों के अनुसार होगी।


· लोन या संपत्ति मूल्य की कोई सीमा नहीं: इस योजना में लोन राशि या संपत्ति के मूल्य की कोई ऊपरी सीमा नहीं है।


PMAY शहरी लाभार्थी श्रेणियां:


· लाभार्थी परिवार में पति, पत्नी, अविवाहित बेटे और बेटियां शामिल हैं।


· कोई भी वयस्क कमाने वाला सदस्य, यदि शादीशुदा है तो उसको एक अलग परिवार माना जा सकता है, बशर्ते उसके नाम पर कोई पक्का घर न हो।


· आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS): ₹6 लाख तक की वार्षिक आय वाले परिवार (पहले ₹3 लाख)।


· निम्न आय समूह (LIG): ₹3 लाख से ₹6 लाख के बीच वार्षिक आय वाले परिवार।


· मध्यम आय समूह I (MIG I): ₹6 लाख से ₹12 लाख के बीच वार्षिक आय वाले परिवार।


· मध्यम आय समूह II (MIG II): ₹12 से ₹18 लाख के बीच वार्षिक आय वाले परिवार।


· EWS और LIG आय समूहों के तहत आने वाली महिलाएं।


· अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST), और अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC)।


PMAY-U: पात्रता शर्तें:


· लाभार्थी परिवार के किसी भी सदस्य के पास भारत में कोई पक्का घर नहीं होना चाहिए।


· लाभार्थी परिवार भारत सरकार/राज्य सरकार की किसी भी आवासीय योजना का लाभ न उठा रहा हो।


· लाभार्थी परिवार किसी भी प्राथमिक लोन संस्थान (PLI) से PMAY सब्सिडी का लाभ न उठा रहा हो।


· सीएलएसएस सब्सिडी का लाभ उठाने वाली संपत्ति में पानी, सफाई, सीवरेज, सड़क, बिजली आदि जैसी बुनियादी सुविधाएं होनी चाहिए। संपत्ति को 2011 की जनगणना के अनुसार वैधानिक कस्बों में स्थित होना चाहिए।


पीएम आवास योजना के लिए आवेदन कैसे करें

नए आवेदकों के लिए ऑनलाइन प्रक्रिया:


1. प्रधानमंत्री आवास योजना की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं।


2. "Citizen Assessment" मेन्यू के तहत "Benefit under other 3 components" विकल्प चुनें।


3. अपने आधार कार्ड के अनुसार अपना 12 अंकों का आधार नंबर और नाम दर्ज करें।


4. आधार सत्यापन के बाद, आपको PMAY आवेदन पेज पर भेज दिया जाएगा।


5. अपनी व्यक्तिगत जानकारी, आय और बैंक विवरण जैसी आवश्यक जानकारी भरें।


6. "I am aware of…" चेकबॉक्स पर टिक करें।


7. कैप्चा दर्ज करें और "Save" पर क्लिक करें।


8. "Save" विकल्प पर क्लिक करने के बाद, एक सिस्टम जनरेटेड एप्लिकेशन नंबर मिलेगा, जिसे आप भविष्य के लिए सुरक्षित रख सकते हैं।


9. भरे हुए PMAY आवेदन फॉर्म को डाउनलोड और प्रिंट करें।


10. सहायक दस्तावेजों के साथ अपने निकटतम कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) या वित्तीय संस्थान/बैंकों में फॉर्म जमा करें।


मौजूदा होम लोन आवेदकों के लिए प्रक्रिया:


यदि आप पहले से होम लोन ले चुके हैं और PMAY सब्सिडी के लिए पात्र हैं, लेकिन आवेदन करते समय इसका लाभ नहीं उठाया था, तो आप अपने बैंक से अनुरोध कर सकते हैं। बैंक आपके अनुरोध की समीक्षा करेगा और नेशनल हाउसिंग बैंक (NHB) को दावा प्रस्तुत करेगा। सत्यापन के बाद, NHB लोन संस्थान को राशि वितरित करेगा, और लोन संस्थान आवेदक के होम लोन खाते में सब्सिडी जमा करेगा, जिससे आपकी EMI कम हो जाएगी।


PMAY आवेदन फॉर्म डाउनलोड और एडिट करें

ऑनलाइन फॉर्म डाउनलोड कैसे करें:


1. PMAY की आधिकारिक वेबसाइट pmaymis.gov.in पर जाएं।


2. मुख्य पेज पर, "Citizen Assessment" मेन्यू से "Print Assessment" विकल्प चुनें।


3. अपना नाम, पिता का नाम और मोबाइल नंबर या असेसमेंट आईडी (नागरिक डेटा के लिए) दर्ज करें।


4. अपनी जानकारी दर्ज करें और असेसमेंट फॉर्म प्रिंट करें।


PMAY एप्लीकेशन फॉर्म की जानकारी कैसे एडिट करें:


1. प्रधानमंत्री आवास योजना की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं।


2. PMAY एप्लिकेशन रेफरेंस नंबर और अपनी आधार जानकारी दर्ज करें।


3. "Edit" विकल्प पर क्लिक करें और आपको अपने आवेदन फॉर्म की जानकारी को एडिट करने की अनुमति मिल जाएगी।




अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)

प्रश्न: क्या PMAY आवेदन के समय कोई शुल्क लगता है?


उत्तर: हां, फॉर्म जमा करते समय नाममात्र शुल्क ₹25 + जीएसटी का भुगतान करना होगा। यदि आवेदन ऑनलाइन किया जा रहा है तो कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा।


प्रश्न: प्रधानमंत्री आवास योजना कब शुरू हुई?


उत्तर: प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY) की शुरुआत 25 जून, 2015 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा की गई।


प्रश्न: क्या मैं आधार नंबर के बिना PMAY योजना के लिए आवेदन कर सकता हूं?


उत्तर: ऑनलाइन आवेदन करने के लिए आधार नंबर अनिवार्य है।


प्रश्न: प्रधानमंत्री आवास योजना में कितनी इंटरेस्ट सब्सिडी मिलेगी?


उत्तर: प्रधानमंत्री आवास योजना में योग्य लाभार्थियों को 5-वार्षिक किश्तों में कुल ₹1.80 लाख की अधिकतम सब्सिडी मिलेगी।


प्रश्न: यदि घर का निर्माण ठप हो जाता है तो क्या होगा?


उत्तर: यदि घर का निर्माण पहली संवितरण की रिलीज की तारीख से 36 महीनों के भीतर समाप्त नहीं होता है, तो पीएलआई द्वारा सब्सिडी वापस प्राप्त की जाएगी और सीएनए को वापस कर दी जाएगी।


प्रश्न: क्या ग्रामीण क्षेत्रों में संपत्तियों के लिए PMAY CLSS लागू है?


उत्तर: नहीं, PMAY CLSS ग्रामीण क्षेत्रों में संपत्तियों के लिए लागू नहीं है।


प्रश्न: अगर मेरे पास एक प्लॉट है, लेकिन घर नहीं है तो क्या मैं PMAY CLSS के लिए योग्य हूं?


उत्तर: यदि आपके पास एक प्लॉट है, लेकिन घर नहीं है, तो आप उस प्लॉट पर निर्माण के लिए होम लोन के लिए सीएलएसएस के तहत ब्याज सब्सिडी के लिए योग्य हैं।


प्रधानमंत्री आवास योजना 2.0 (PMAY-U 2.0) सरकार की एक उन्नत पहल है, जिसका उद्देश्य पहले चरण में छूटे हुए पात्र शहरी और ग्रामीण परिवारों को भी “सभी के लिए आवास” के दायरे में लाना है। PMAY 2.0 के तहत न केवल नए घरों का निर्माण किया जाएगा, बल्कि मौजूदा कच्चे या अर्ध-पक्के घरों के उन्नयन (Upgradation) पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा।



प्रधानमंत्री आवास योजना से जुड़ी खबरें


PMAY-U 2.0 को मंजूरी: केंद्रीय मंत्रिमंडल ने PMAY 2.0 के तहत 3 करोड़ नए घर बनाने का ऐलान किया है, जिसमें शहरी इलाकों में 1 करोड़ और ग्रामीण क्षेत्रों में 2 करोड़ घर शामिल हैं। यह योजना 2024-25 से 2028-29 तक चलेगी।


लाभार्थियों के लिए नए लाभ: यदि लाभार्थी के घर की कीमत ₹35 लाख तक है तो वह ₹25 लाख तक का लोन ले सकते हैं। इसके साथ ही लाभार्थी 12 वर्ष की अवधि तक पहले ₹8 लाख के लोन पर 4% ब्याज सब्सिडी के लिए योग्य होंगे।


अतिरिक्त सुविधाएं: पीएम आवास योजना में लाभार्थी को पक्के घर के साथ गैस, बिजली कनेक्शन, शौचालय और आयुष्मान कार्ड भी बिल्कुल निःशुल्क दिया जाएगा। इसके साथ ही लाभार्थियों को 90 से 95 दिन का मनरेगा में रोजगार भी उपलब्ध कराया जाएगा।


पात्रता मानदंडों में बदलाव: PMAY-U की पात्रता को लेकर एक बड़ा बदलाव हुआ है। सरकार ने PMAY-U के तहत पात्रता के लिए आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) कैटेगरी की आय स्लैब को बढ़ाकर ₹6 लाख कर दिया है। मध्यम कैटेगरी की आय स्लैब ₹6 लाख से ₹9 लाख तक की गई है।


अधिक जानकारी के लिए पढ़ें : प्रधान मंत्री आवास योजना आवेदन


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